शोध, फैलोशिप परियोजनाओं की अंतिम तिथि 6 माह बढ़ाएं : श्री टंडन
राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से कहा है कि अनुदान आयोग द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों को 6 माह के लिए बढ़ा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि भारत एवं दुनिया के विभिन्न देशों में कोविड-19 के कारण हुए लॉक डाऊन से विश्वविद्यालयों की गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं। इन परिस्थितियों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रायोजित प्रोजेक्टों के उपयोगिता प्रमाण-पत्र की निर्धारित समय-सीमा का पालन कराना उचित नहीं होगा। आयोग को अपनी सभी प्रायोजित परियोजनाओं की समय-सीमा को 6 माह के लिए बढ़ाना चाहिए। राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने बताया कि विश्विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अनेक शोध परियोजनाएँ, फैलोशिप, अध्ययन पीठ और अनेक विकास के कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुदान से संचालित किये जा रहे हैं। इन सभी कार्यक्रमों की अंतिम तिथि का पालन कोविड-19 की स्थिति के कारण नहीं किया जा सका है। विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक, विकास गतिविधियाँ भी प्रभावित हुई है। इन परिस्थितियों के दृष्टिगत राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को विभिन्न प्रोजेक्टों, फैलोशिपों और योजना अवधि मद के कार्यों को उपयोगिता प्रमाण-पत्रों की अंतिम तिथि को कम से कम 6 माह की अवधि के लिये बढ़ाने को कहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से यह भी कहा है कि विश्वविद्यालयों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये जायें।
फाल्गुनी पाल बनी सब इंस्पेक्टर मंत्री डॉ. मिश्रा ने दी शुभकामनाएं
गृह तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आज उज्जैन की फाल्गुनी पाल से वीडियो कॉलिंग द्वारा बात कर सब इंस्पेक्टर बनने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार गृह विभाग द्वारा उन्हें सब इंस्पेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। अगले सप्ताह वह अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर अपने परिवार की जिम्मेदारी के साथ समाज, प्रदेशवासियों की सेवा और विभागीय दायित्वों के साथ जिम्मेदारियों का निर्वाहन प्रारंभ कर सकती है। मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि कोविड-19 के संकट काल में उज्जैन के नीलगंगा थाने में पदस्थ रहे थाना प्रभारी श्री यशवंत पाल अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद हो गए। मुख्यमंत्री श्री चौहान के निर्देशानुसार उनकी सुपुत्री फाल्गुनी पाल को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है।
कॉमन सर्विस सेंटर एवं एमपी ऑनलाइन के कियोस्क से भी जमा कर सकते हैं बिजली बिल
वैश्विक महामारी कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में लॉक डाउन प्रभावी होने के कारण एमपी ऑनलाइन के कियोस्क एवं कॉमन सर्विस सेंटर से बिजली बिल जमा करने का कार्य बंद था। राज्य शासन के निर्देशानुसार अब सभी कियोस्क पर उपभोक्ता बिल जमा कर सकते हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि लॉक डाउन-3 लागू होने के बाद रेड, आरेंज एवं ग्रीन जोन के सभी स्थानों पर बिजली बिल भुगतान के लिए एमपी ऑनलाइन के कियोस्क एवं कॉमन सर्विस सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा कंपनी कार्यक्षेत्र में सभी ए.टी.पी. मशीन एवं सभी बिजली बिल भुगतान केंद्रों का संचालन भी प्रारंभ कर दिया गया है। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि निर्धारित सुरक्षा मानदंडो का उपयोग (जैस-दूरी बनाए रखना, मास्क का उपयोग आदि) करते हुये बिल जमा करने की व्यवस्था का लाभ लें। राजस्व संग्रहण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था जैसे portal.mpcz.in, UPAY एप, नेट-बैकिंग, फोन-पे, अमेजन-पे, पेटीएम, एच.डी.एफ.सी.-पे एवं अन्य भुगतान विकल्प से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है |