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दिनांक 16/10/2019

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कोलार नगर निगम गठन का समर्थन, परंतु कुछ बड़ी विंसगतियों पर सुझाव भी -

हमारे सुझाव - -

 

1- भोपाल नगर निगम को दो भागों में बांटने के लिए जिला प्रशासन ने जो 2 नोटिफिकेशन जारी किए हैं वह बहुत दोषपूर्ण हैं, इनको तत्काल निरस्त किया जावे । [ क्योंकि कोलार नगर निगम विरोधी इस विसंगति का लाभ उठा सकते हैं ] ।

 

2- कोलार नगर पालिका /निगम के समर्थन माननीय हाई कोर्ट जबलपुर में वर्ष 2014 से हमारी विचाराधीन याचिका पर शासन पहले जवाब दे, माननीय हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही नगर निगम गठन की कार्यवाही की जावे । [ क्योंकि तत्कालीन भाजपा शासन ने अप्रजातांत्रिक तरीके से 2014 में कोलार नगर पालिका का विलय भोपाल नगर निगम में कर दिया था, शासन के इस निर्णय के विरोध में एवं कोलार नगर पालिका के समर्थन मे यह याचिका लगाई थी ]

 

3- कोलार नगर निगम बनाने पर कोलार क्षेत्र मे कम से कम 25 वार्ड रखे जावें [ क्योंकि कोलार नगर पालिका के समय कोलार में 25 वार्ड थे परंतु भोपाल नगर निगम में विलय के बाद कोलार जैसे बड़े क्षेत्र मे मात्र 5 वार्ड दिये गए जिससे बड़े वार्ड होने से जनता को परेशानी हुई एवं 20 वार्डों की पार्षद निधि का नुकसान हुआ ]

 

4- कोलार क्षेत्र का टेक्स कोलार क्षेत्र में खर्च हो [ क्योंकि पूरे भोपाल का 40 प्रतिशत टेक्स कोलार क्षेत्र ही देता है ।

 

5- कोलार नगर पालिका समय वर्ष 2006 से कार्यरत कर्मचारियों का नियमतिकरण हो ।

 

6- कोलार क्षेत्र के सभी वार्डों के सभी निवासियों को पानी सप्लाई की जावे ,प्रथम दूसरे ,तीसरे ,चौथे ताल को भी पानी दिया जावे |

 

7- पूरे कोलार क्षेत्र को पूरे भोपाल के बस परिवहन ,मेट्रो परिवहन से जोड़ने की पालिसी बनाई जावे |

 

8- कोलार क्षेत्र की पानी, बिजली, सड़क, सीवर के लिए 1000 करोड़ रुपये का विशेष पेकेज दिया जावे ।

 

हमारे इन सुझावों एवं समर्थन को प्रदेश के समाचार पत्रों ने इस प्रकार प्रकाशित किया ।

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दिनांक 19/03/2019

कोलार नगरपालिका गठन मामले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश ,एवं जिला निर्वाचन अधिकारी [कलेक्टर] भोपाल को ज्ञापन सौंपा

कोलार नगरपालिका के गठन में प्रस्तुत सार्थन एवं आपत्तियों के निराकाराण हेतु मुख्यनिर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश ,जिला निर्वाचन पदाधिकारी [ कलेक्टर ]को लोकसभा चुनाव की प्रभावी आचार संहिता में आपत्तियों की शीघ्र सुनवायी का मार्ग प्रशस्त करने का निम्न बिन्दुओं के आधार पर निवेदन -- --

 

1- नियत समय पर स्थानीय निकाय का चुनाव जनता का प्रजातांत्रिक अधिकार ।

 

2- कोलार नगरपालिका के गठन के समर्थन मे प्रस्तुत बिन्दुओं का निराकरण जनता का प्रजातांत्रिक अधिकार ।

 

3-वर्ष 2007 में विधिवत गठित कोलार नगर पालिका को वर्ष 2012 से 2014 तक बिल्डर लावी के दबाव मे षड्यंत्र पूर्वक ,अप्रजातांत्रिक तरीके से भोपाल नगर निगम मे विलय नकिया जबकि मामला कोर्ट मे विचारधीन था ।

 

4-वर्ष 2012 मे शासन द्वारा 7 नगर पालिकाओं के चुनाव घोषित किए जिसमे 6 नगर पालिकाओं के चुनाव करा लिए कोलार नगरपालिका का चुनाव नहीं कराया ।

 

5-दिनांक 30/6/2012 को कोलार नगरपालिका आम निर्वाचन के जनगणना संबंधी बिन्दु पर पत्र जारी किया ।

 

6- दिनांक 23/8/2012 को सीमा व्रद्धी ,वार्ड चुनाव पत्र जारी

 

7- मध्यप्रदेश राजपत्र [असाधारण] क्रमांक 363 दिनांक 16 अगस्त 2012 कोलार नगर पालिका के 25 आरक्षित वार्डों के नाम ,क्रमांक ,आरक्षण सहित सूची प्रकाशन

 

8- 20/11/2012 राज्य निर्वाचन आयोग का पत्र जिसमे निर्वाचन की पूरी तैयारी का उल्लेख ।

 

9-नेताओं के दबाव मध्यप्रदेश शासन का राज्यनिर्वाचन आयोग को पत्र जिसमे अधिसूचना नहीं जारी करने का पत्र

 

10- तत्कालीन एक मंत्री ने मात्र 2 पार्षदों की आपत्ति का जिक्र करते हुए कोलार नगर पालिका का भोपाल नगर निगम में विलय का 19/11/2012 को पत्र लिखा ।

 

इस प्रकार तत्कालीन शासन ने निर्वाचन कार्य मे हस्तक्षेप का उदाहरण प्रस्तुत किया

 

11- मामला कोर्ट में गया शासन का पहला नोटिफिकेशन केनसिल हुआ, दूसरा मामला कोर्ट में विचारधीन रहते शासन ने कोलार नगर पालिका का विलय भोपाल नगर निगम मे कर कोलार नगर पालिका के 25 वार्डों को 5 वार्डों मे सीमित कर कोलार की जनतासे अन्याय किया

 

12- कोलार 2006 से निरंतर उपेक्षित है

 

13- कोलार की जनता की समस्याएँ कोलार नगर पालिका से ही सुलझ सकती हैं

 

हमारे इस ज्ञापन को प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया ।

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दिनांक 15/03/2019

कोलार नगर पालिका के विरूध्ध भोपाल नगर निगम महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों की जांच की जावे

क्रिएशन एंड प्रोजेक्शन डाटकाम के संचालक ,प्रधान संपादक अमिताभ अग्निहोत्री ने इस बावत कलेक्टर भोपाल को सौंपे ज्ञापन मे निन बिन्दुओं पर ध्यान आकर्षित किया --

 

1-मध्यप्रदेश नगरपालिक अधिनियम की धारा 5 [क] में स्पष्ट उल्लेख है की ''स्थानीय प्राधिकारी अथवा प्रश्नाधीन क्षेत्र के निवासी को आपत्ति है तो कलेक्टर को लिखित में आपत्ति पेश करेगा ।

 

2-जबकि टाठी यह है की महापौर आलोक शर्मा एवं विधायक रामेश्वर शर्मा कोलार क्षेत्र के बाहर निवास करते हैं ,मध्यप्रदेश नगरपालिक अधिनियम 1961 मे वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत आपत्ति लगाने के लिए विधायक ,एवं महापोर का उल्लेख मुझे अध्ययन में दिखाई नहीं दिया ।

 

3- कोलार नगरपालिका के अप्रजातांत्रिक तरीके से 2014 में कोलार नगर निगम में विलय के विरूध्ध मैंने माननीय है कौर्ट जबलपुर में वर्ष 2014 में याचिका 12540/2014,एवं याचिका 19106/2014 लगाई थी। याचिका 12540 /2014 में माननीय कोर्ट का फ़र्स्ट नोटिफिकेशन केनसिल किया था ,यह हमारी याचका की जबर्दस्त सफलता थी ,याचिका 19106/2014 अभी वर्ष 2014 से माननीय कोर्ट मे लंबित है ,।इन याचिकाओं में मुझे कोलार निवासी की पात्रता बतानी पड़ी थी ।

 

4-मैंने माननीय कलेक्टर भोपाल से निवेदन किया की ''इस तथ्य की विधि विशेषज्ञों से जांच करा लें की कोलार नगर पालिका क्षेत्र के मामले में नगर पालिका अधिनियम 1961 के अंतर्गत महापोर श्री आलोक शर्मा ,विधायक श्री रामेश्वर शर्मा क्या आपत्ति लगाने की पात्रता रखते हैं ?विधि विशेश्ग्य्योन की राय के पश्चात ही महापौर श्री आलोक शर्मा ,विधायक श्री रामेश्वर शर्मा की आपत्तियों पर विचार किया जावे ।

 

इस समाचार को भोपाल के प्रमुख समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया

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दिनांक 12/03/2019

क्रिएशन एंड प्रोजेक्शन डाटकाम के संचालक एवं संपादक अमिताभ अग्निहोत्री द्वारा कोलार नगर पालिका भोपाल के समर्थन मे एक बड़ी पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया । पत्रकारवार्ता मे निम्न बिन्दुओं की जानकारी दी गयी - -

1-कलेक्टर भोपाल को कोलार नगर पालिका के समर्थन मे 34 बिन्दुओं के 84 पेजों के सुझाव प्रस्तुत किए ।

 

2-कोलार नगर पालिका का मामला वर्ष 2014 से माननीय हाईकोर्ट मे पेंडिंग है,इस तथ्य को ध्यान मे रखा जावे ।

 

3-वर्ष 2007 माननीय कोर्ट का फैसला कोलार नगरपालिका के पक्ष मे आया था ।

 

4-वर्ष 2014 मे पिटीशन 12540/2014 मे शासन का नोटिफिकेशन केनसिल किया गया था ।

 

5-वर्ष 2012 मे कोलार नगर पालिका चुनाव की सभी निर्वाचन तैयारियां जैसे -वार्ड परिसीमन ,वार्ड आरक्षण,मतदाता सूची आदि सभी निर्वाचन तैयारियां पूर्ण होने के बाद भी अप्रजातांत्रिक तरीके से चुनाव क्यों रोके गए ।

 

6-बिल्डरों,कालोनाइज़रों से पूरा विकास आदि शुल्क शासन के खाते मे शीघ्र जमा कराया जावे ।

 

7-कोलार नगर पालिका क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र शासन की विभिन्न योजनाओं से 1,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिलाया जावे ।

 

हमारी विस्तरत बिन्दुओं की पत्रकारवार्ता को प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों, न्यूज़ चैनलों ने प्रमुखता से प्रकाश्त, प्रसारित किया

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